एक मेडिकल स्टोर संचालक के लिए सबसे बड़ा नुकसान तब होता है जब उसकी मेहनत की कमाई 'Expiry' के डिब्बे में बंद हो जाती है। कई केमिस्ट भाई सही तरीका न पता होने के कारण अपनी एक्सपायर्ड दवाओं का पैसा नहीं निकाल पाते।
मेरे 10 साल के अनुभव में मैंने सीखा है कि अगर एक सिस्टम बना लिया जाए, तो एक्सपायरी का नुकसान कम से कम किया जा सकता है। आइए जानते हैं वो स्टेप-बाय-स्टेप तरीका जिससे आपका पैसा नहीं फंसेगा।
अगर आप जानना चाहते हैं कि एक्सपायरी का नुकसान पहले से कैसे कम करें, तो यह गाइड भी ज़रूर पढ़ें —
👉 अगर आप जानना चाहते हैं कि एक्सपायरी का नुकसान Medical Store में Expiry Medicine का Loss कैसे रोकें
1. डायरी या नोटबुक का इस्तेमाल करें (सबसे ज़रूरी):
एक्सपायरी मैनेज करने के लिए एक अलग रजिस्टर या डायरी बनाएं। इस डायरी में हर पेज पर सबसे ऊपर ये जानकारी लिखें:
- Wholesaler का नाम: (जिसे आप माल वापस कर रहे हैं)
- अपने मेडिकल स्टोर का नाम:(अपनी दुकान की सील या नाम)
- वापस करने की तारीख:(जिस दिन माल भेजा गया)
2. रजिस्टर में टेबल कैसे बनाएं?
डायरी में कॉलम बनाकर क्रम के अनुसार जानकारी लिखें ताकि कोई कन्फ्यूजन न हो:
क्रम संख्या दवा का नाम बैच नंबर एक्सपायरी डेट MRP मात्रा (Qty)
1. ओकासेट टैब. OK1234. 12/2025 45.00. 5 स्ट्रिप
2 क्रोसिन सिरप CR7890 10/2025. 60.00. 2 बोतल
3. 'दो कॉपी' वाला फार्मूला (Double Copy Method)
हमेशा डायरी की दो कॉपियां बनाएं (आप कार्बन पेपर का इस्तेमाल कर सकते हैं):
- पहली कॉपी: माल के साथ होलसेलर को भेजें।
- दूसरी कॉपी:अपने पास रिकॉर्ड के लिए रखें।
- फायदा: इससे होलसेलर आपसे यह नहीं कह पाएगा कि माल कम मिला है या लिस्ट नहीं मिली। कोई गलती होने की गुंजाइश खत्म हो जाती है
4. क्रेडिट नोट (Credit Note) का एडजस्टमेंट
जब होलसेलर आपकी एक्सपायरी चेक कर लेता है, तो वह एक 'क्रेडिट नोट' जारी करता है।
अगली बार जब आप उसी होलसेलर से नया माल मंगवाएं, तो उस नए बिल की रकम में से क्रेडिट नोट वाले पैसे काट लें।
इस तरह आपकी एक्सपायरी का पैसा वापस आपके व्यापार में लग जाता है।
5. कुछ काम की टिप्स:
- महीने का चेकअप: हर महीने के अंत में अपनी रैक चेक करें और 3-4 महीने बाद एक्सपायर होने वाली दवाओं को अलग कर दें।
- होलसेलर के साइन: जब भी होलसेलर का लड़का माल लेने आए, अपनी डायरी की कॉपी पर उसके साइन और तारीख ज़रूर लें।
- कंपनी की पॉलिसी (Company Policy): बड़ी कंपनियां अक्सर माल एक्सपायर होने से 6 महीने पहले या एक्सपायरी के 3 महीने बाद तक ही रिटर्न लेती हैं। अगर आप लेट हुए, तो नुकसान आपका होगा।
- होलसेलर का फिक्स टाइम (Important): ध्यान रखें, कई होलसेलर पूरे साल एक्सपायरी नहीं लेते। वे अक्सर साल के चुनिंदा महीनों (जैसे: जनवरी, अप्रैल, जुलाई और नवंबर) में ही रिटर्न स्वीकार करते हैं। अपनी डायरी में इन महीनों को मार्क कर लें ताकि मौका हाथ से न निकले।
- ब्रेकेज और नियर एक्सपायरी (Breakage Policy): अगर कोई कांच की बोतल टूट गई है या सील खुली है, तो उसकी पॉलिसी अलग होती है। नियर एक्सपायरी (Near Expiry) माल को समय रहते वापस करना ही समझदारी है।
सही होलसेलर चुनो ब्लॉग लिंक:
6. कानूनी पहलू (Legal Angle) और रिकॉर्ड की अहमियत
ड्रग विभाग के नियमों के अनुसार, एक्सपायर्ड दवाओं को बिक्री वाली दवाओं के साथ रखना कानूनी अपराध है।
- Separate Storage: अपनी दुकान में एक छोटा बॉक्स या रैक रखें जिस पर साफ लिखा हो— "Expired Medicines - Not for Sale"।
- Record Keeping: आपकी बनाई हुई डायरी और होलसेलर के क्रेडिट नोट का रिकॉर्ड ड्रग इंस्पेक्टर की चेकिंग के दौरान आपके काम आ सकता है, यह साबित करने के लिए कि आप एक्सपायरी दवाओं को सही तरीके से डिस्पोज (Dispose) कर रहे हैं।
निष्कर्ष:
एक्सपायर्ड दवाइयां कूड़ा नहीं हैं, अगर आप सही समय पर रिकॉर्ड बनाकर होलसेलर को भेजें तो यह आपकी रुकी हुई पूंजी है। एक जागरूक फार्मासिस्ट वही है जो अपनी इन्वेंट्री पर पैनी नज़र रखे।
“सही सिस्टम ही असली मुनाफा बचाता है।”
"यह लेख केवल फार्मासिस्ट और मेडिकल स्टोर संचालकों की जानकारी के लिए है।"
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