जब हम मेडिकल स्टोर खोलते हैं और फर्नीचर का काम खत्म होता है, तो सबसे बड़ा सवाल सामने आता है
—"दवाइयां कौन सी मंगवाएं?"
यह वो समय होता है जब नए दुकानदार सबसे ज्यादा गलतियां करते हैं। उनके पास होलसेलर्स और कंपनी के सेल्समैन (MR) की लाइन लग जाती है। हर कोई अपनी दवाई थमाना चाहता है।
मेरे 10 साल के अनुभव में मैंने देखा है कि कई लोग जोश-जोश में ऐसी दवाइयां भर लेते हैं जो साल भर तक बिकती ही नहीं और अंत में एक्सपायर (Expiry) होकर कचरे में जाती हैं।
आज मैं आपको बताऊंगा कि पहला आर्डर (First Order) बनाते समय किन बातों का ध्यान रखना है ताकि आपका पैसा न फंसे।
🔥 गौतम का अनुभव
मेडिकल में expiry lose कम करने के उपाय
1. सेल्समैन की "स्कीम" (Scheme) के जाल में न फसें
सबसे पहली गलती! सेल्समैन आपको लालच देगा— "भाई साहब, इस दवाई के 10 डिब्बे लोगे तो 2 फ्री मिलेंगे और 5% एक्स्ट्रा डिस्काउंट मिलेगा।"
नए दुकानदार को लगता है कि बहुत मुनाफा हो रहा है, और वो 10 डिब्बे खरीद लेता है।
सच्चाई:
शुरुआत में आपको यह नहीं पता कि वो दवाई आपके एरिया में चलेगी या नहीं। अगर वो नहीं बिकी, तो "स्कीम" का मुनाफा धरा रह जाएगा और मूल पैसा भी डूब जाएगा।
सलाह:
शुरुआत में स्कीम नहीं, सेल (Sale) देखें। भले ही 2 रूपए महंगा मिले, लेकिन कम माल खरीदें।
2. पूरा डिब्बा नहीं, स्ट्रिप (Strips) मंगवाएं
होलसेलर अक्सर आपको पूरा बॉक्स (Outer) देने की कोशिश करेंगे।
लेकिन पहले आर्डर में आपको "वैरायटी" (Variety) बनानी है, "क्वांटिटी" (Quantity) नहीं।
हर दवाई की सिर्फ 3-3 या 4-4 पत्तियां (Strips) मंगवाएं।
इससे कम पैसे में आपके पास ज्यादा तरह की दवाइयां आ जाएंगी।
जब कोई दवाई रोज बिकने लगे, तब उसका पूरा डिब्बा मंगवाएं।
गलत तरीका। सही तरीका
10 बॉक्स खरीदना। 3-4 strips लेना
Scheme देखकर खरीदना Fast moving medicine
Quantity ज्यादा। Variety ज्यादा
Unknown brands भरना Trusted brands रखना
Expiry ignore करना Long expiry check करना
💡 Practical Tip:
पहले 30 दिन की सेल देखकर ही किसी भी दवाई की क्वांटिटी बढ़ाएं।
3. रनिंग आइटम (Fast Moving Items) की लिस्ट बनाएं
अपने पहले आर्डर का 70% पैसा उन दवाइयों पर लगाएं जो हर घर की जरूरत हैं और जिनके लिए डॉक्टर की पर्ची की भी जरूरत नहीं पड़ती(Counter Sale)।
गैस और एसिडिटी:
(Pantop, Omez, Aciloc, Rantac, Eno)
दर्द निवारक (Painkillers):
(Combiflam, Zerodol-P, Aceclofenac, Diclofenac gel/spray)
बुखार और सर्दी:
(Paracetamol, Cetirizine, Cough Syrups, Anti-cold tablets)
फर्स्ट एड (First Aid):
(Bandage, Cotton, Betadine, Dettol/Savlon)
(उदाहरण के लिए, ब्रांड राज्य/एरिया के अनुसार बदल सकते हैं)
ये वो आइटम्स हैं जो कभी "Dead Stock" नहीं बनते। ये आज नहीं तो कल बिक ही जाएंगे।
⚠️ महत्वपूर्ण चेतावनी:
Schedule H/H1 दवाइयाँ हमेशा डॉक्टर की पर्ची (Prescription) पर ही दें।
बिना पर्ची देने पर Drug Inspector द्वारा पेनल्टी या लाइसेंस सस्पेंशन हो सकता है।
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4. अपने एरिया के डॉक्टर्स को पहचानें
दुकान खोलने से पहले अपने आसपास के 1-2 किलोमीटर के दायरे में देखें कि कौन से डॉक्टर का क्लिनिक है।
अगर पास में बच्चे का डॉक्टर (Pediatrician) है, तो आपको एंटीबायोटिक सिरप और ड्रॉप्स ज्यादा रखने होंगे।
अगर हड्डी का डॉक्टर (Ortho) है, तो पेन किलर और कैल्शियम ज्यादा रखना होगा।
अगर कोई डॉक्टर नहीं है, तो जनरल दवाइयां (General Medicine) ही रखें।
5. जेनेरिक (Generic) और एथिकल (Ethical) का बैलेंस
शुरुआत में ब्रांडेड (Ethical) दवाइयां ज्यादा रखें (जैसे Abbott, Cipla, Sun Pharma, Mankind, Alkem)।
भले ही इसमें मार्जिन (Margin) कम होता है, लेकिन इससे ग्राहकों का भरोसा (Trust) बनता है।
अगर आप पहले दिन ही किसी को अनजान कंपनी की जेनेरिक दवाई देंगे, तो ग्राहक सोचेगा— "यह तो लोकल दवाई दे रहा है" और दोबारा नहीं आएगा।
धीरे-धीरे जब ग्राहक पक्का हो जाए, तब अच्छी जेनेरिक दवाइयां इंट्रोड्यूस करें।
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निष्कर्ष (Conclusion)
पहला ऑर्डर अगर सही हो गया, तो मेडिकल स्टोर आधा चल गया समझो।
मेडिकल स्टोर में "Range" (रेंज) एक दिन में नहीं बनती। इसमें 6 महीने लगते हैं।
ग्राहक को कभी खाली हाथ न जाने दें। अगर कोई दवाई नहीं है, तो उसे नोट करें और शाम को मंगवा कर दें।
याद रखें:
दवाई वो खरीदें जो "बिके", वो नहीं जो सेल्समैन "बेचना चाहे"।


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